हसरते अधूरी थी,

हसरते अधूरी थी अधूरे थे हम,
पर जबसे तेरे तलबगार हुए हैं,
ना बची कोई हसरत तेरे दीदार,
के सिवा...

Comments

Popular posts from this blog

प्यार वो शहर है