आजकल मोहोब्बत,

आजकल मोहोब्बत पर मेरी मेरा कोई ज़ोर नहीं ग़ालिब
जितनी दूरियां बनाता हूं उतना ही नज़दीक पाता खुदको...

Comments

Popular posts from this blog

खामोशी वो जवाब है.....

जिस गली से हुआ गुज़र तेरा,

काँटे की तरह चुभ जाता है, इश्क़