जब इंसान, Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 10, 2022 जब इंसान की आंखों पर अज्ञानता की पट्टी पड़ी हो तोवो अपने अच्छे या बुरे का चयन करने सक्षम नहीं होता। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
Bachpan, April 24, 2022 बचपन से ख्वाइशे बहुत है इस दिल में जिन्हें बहलाना अब मुश्किल हो गया, जबसे होश संभाला है मैंने तबसे मेरा हर ख़्वाब अधूरा सा लगता है मुझको... Read more
मुलाकातों का ये August 24, 2025 मुलाकातों का ये सफ़र अब आम होने लगा मैं तुम्हारी हसीन यादों का ग़ुलाम होने लगा Read more
ज़रे-ज़रे की कर्ज़दार है ज़िंदगी August 24, 2025 ज़रे-ज़रे की कर्ज़दार है ज़िंदगी, तेरे इश्क़ की तलबगार है ज़िंदगी, टूटे ख़्वाबों की सौग़ात है ज़िंदगी, हर सहर एक नई तलाश है ज़िंदगी। Read more
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