बंजर,

चाहतों का पंछी मेरे दिल की
बंजर जमीं पर नज़र आने लगा,
ए खुदा ऐसा लगता है जैसे की
चिराग़ ए मोहोब्बत लेकर मुझे 
तलाशने आया है कोई...

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