ऋतु,

आज ये ऋतु इतनी सुहानी क्यूं है 
हर लम्हा मेरी इन आंखों से बरसता पानी क्यूं है, 
ए खुदा इतनी दूरियां क्यूं है दर्मियां उनके और हमारे 
दास्तां ए मोहोब्बत में बस एक येहि खराबी क्यूं है...

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