ख़ुद ही उलझ गए हैं, Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps October 28, 2021 ख़ुद ही उलझ गए हैं,वो अपनी बनाई उलझनों मेंजो अक्सर कोशिश करते थेमेरी उलझनों को बढ़ाने कीखुदा का शुक्र है मेरी उलझनेसुलझने लगी है रहमत उसकीजब मुझपर बरसने लगी अबवो लोग ख़ामोश रहने लगे है और मुझे कहते तो हैं सुलझ गए हैं!... Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
If i were to think of one thing, October 08, 2021 If i were to think of one thing i like about myself it'd be my confidence which taught me never to give up in life. Read more
Bachpan, April 24, 2022 बचपन से ख्वाइशे बहुत है इस दिल में जिन्हें बहलाना अब मुश्किल हो गया, जबसे होश संभाला है मैंने तबसे मेरा हर ख़्वाब अधूरा सा लगता है मुझको... Read more
ज़रे-ज़रे की कर्ज़दार है ज़िंदगी August 24, 2025 ज़रे-ज़रे की कर्ज़दार है ज़िंदगी, तेरे इश्क़ की तलबगार है ज़िंदगी, टूटे ख़्वाबों की सौग़ात है ज़िंदगी, हर सहर एक नई तलाश है ज़िंदगी। Read more
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