हवा से बात करते हम, Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps October 10, 2021 हवा से बात करते हम,बादलों के बीच ठिकाना हमारा,रखते है नजर हर परिंदे पर,उड़ते उड़ते आसमान में,लेकर जान हथेली पर,सरहद की रक्षा करते है,सीना चीर के गगन का,जब सामने हम आते हैं,कांपता है आसमान भी,हमारी आने की आहट से..... Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
Bachpan, April 24, 2022 बचपन से ख्वाइशे बहुत है इस दिल में जिन्हें बहलाना अब मुश्किल हो गया, जबसे होश संभाला है मैंने तबसे मेरा हर ख़्वाब अधूरा सा लगता है मुझको... Read more
ज़रे-ज़रे की कर्ज़दार है ज़िंदगी August 24, 2025 ज़रे-ज़रे की कर्ज़दार है ज़िंदगी, तेरे इश्क़ की तलबगार है ज़िंदगी, टूटे ख़्वाबों की सौग़ात है ज़िंदगी, हर सहर एक नई तलाश है ज़िंदगी। Read more
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