जाने क्यूं,

जाने क्यूं मेरी बेपनाह मोहोब्बत का नज़ायज फायदा उठाते है वो, बेशुमार दर्द भी देते है वो भी तकलीफ़ कितनी होगी ये जाने बगैर..

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