फासले,

फासले इतने ना थे कभी दर्मिया हमारे
पर अब ना जानें क्यूं दर्द बढ़ने लगा
जितना नज़दीक था मैं उससे
कही ज्यादा आज खुदको दूर पाया मैंने...

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