रात की आँखों में Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps November 01, 2021 रात की आँखों में अभी उसके कुछ रह गए ख़्वाब अधूरे है कुछ रह गए जो पूरे करने उसके जज़्बात अधूरे है रात की ख़ामोशी को पढ़ पाना उसकी आँखों सेमुमकिन नहीं यारो क्योंकि अंधेरे में लगे घाव बड़ेगहरे होते हैं। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
Bachpan, April 24, 2022 बचपन से ख्वाइशे बहुत है इस दिल में जिन्हें बहलाना अब मुश्किल हो गया, जबसे होश संभाला है मैंने तबसे मेरा हर ख़्वाब अधूरा सा लगता है मुझको... Read more
मुलाकातों का ये August 24, 2025 मुलाकातों का ये सफ़र अब आम होने लगा मैं तुम्हारी हसीन यादों का ग़ुलाम होने लगा Read more
ज़रे-ज़रे की कर्ज़दार है ज़िंदगी August 24, 2025 ज़रे-ज़रे की कर्ज़दार है ज़िंदगी, तेरे इश्क़ की तलबगार है ज़िंदगी, टूटे ख़्वाबों की सौग़ात है ज़िंदगी, हर सहर एक नई तलाश है ज़िंदगी। Read more
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