इस दुनियां में,

इस दुनियां में हर इंसान को सहूलियत अपनी और गलती दूसरो की दिखाई देती है, सोचो अगर इंसान को सहूलियत दूसरो की और गलती अपनी दिखाई देने लगे तो समझ लेना बदलाव शुरू होने को है।

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