दुनियां चाहती है,

दुनियां चाहती है ख़रीदना मुझे पर मैं वो हूं जो कभी क़ीमत में बिकता नहीं, ख़रीद सके जो मुझे इस दुनियां इतना हुनर मुझे किसी में दिखता नहीं, दुनियां चाहती है मुझे अपनी नज़रों में कैद करना पर शायद वो ये जानते नहीं, कैद कर सके जो मुझे और मेरे हौसलों को वो मजबूत पिंजरा आजतक दुनियां में बना नहीं...

Comments