My 334 poem Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps October 30, 2021 Whenever I wander In my life, Then hope finds me Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
इक़रार, April 07, 2022 एक अरसे के बाद आज उन्होंने मोहोब्बत ए इक़रार किया है हमसे जो कभी मुझको देखते ही अपने रास्ते बदल लिया करते थे... Read more
मुलाकातों का ये August 24, 2025 मुलाकातों का ये सफ़र अब आम होने लगा मैं तुम्हारी हसीन यादों का ग़ुलाम होने लगा Read more
दर्द-ए-सितम August 24, 2025 दर्द-ए-सितम कैसे बयाँ करें, ऐ हमसफ़र तुम्हें ख़्वाबों में तराशता रहा तुम्हें लम्हे गुज़रते रहे। Read more
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