सब्र किया मैंने Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps October 26, 2021 सब्र किया मैंनेखामोशी से गमों का प्यालाखाली किया मैंने जुबां परअपनी आने ना दिया नाम उस शख्स का जो गुरुर था मेरारुसवा किया हर बार मुझेबिखर सा गया हूं मैं टूटकरफिरभी हंसते हुए हाथो सेउनके ज़हर पिया मैंने... Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
Bachpan, April 24, 2022 बचपन से ख्वाइशे बहुत है इस दिल में जिन्हें बहलाना अब मुश्किल हो गया, जबसे होश संभाला है मैंने तबसे मेरा हर ख़्वाब अधूरा सा लगता है मुझको... Read more
ज़रे-ज़रे की कर्ज़दार है ज़िंदगी August 24, 2025 ज़रे-ज़रे की कर्ज़दार है ज़िंदगी, तेरे इश्क़ की तलबगार है ज़िंदगी, टूटे ख़्वाबों की सौग़ात है ज़िंदगी, हर सहर एक नई तलाश है ज़िंदगी। Read more
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